विशेष व्याख्यान: ‘शेरो-शायरी: उर्दू साहित्य की अद्वितीय विधा’

वनिता विश्राम द्वारा संचालित वनिता विश्राम विमेन्स यूनिवर्सिटी के हिंदी विभाग द्वारा दिनांक 12 जनवरी 2026 को दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे तक ‘शेरो-शायरी: उर्दू साहित्य की अद्वितीय विधा’ शीर्षक के अंतर्गत एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उर्दू–हिंदी भाषा के सशक्त रचनाकार श्री ‘शाहजहाँ शाद’ साहेब विशेष वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
फैकल्टी ऑफ ह्यूम्युनिटिस एंड सोशल साइंस के डीन डॉ. आदित्य फरसोले ने अतिथि वक्ता का स्वागत कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। श्री शाहजहाँ शाद साहेब ने जीवन, समाज, प्रेम, विरह और पीड़ा से संबंधित अपनी स्वरचित शेरो-शायरी प्रस्तुत की तथा ग़ज़लों का गायन कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
यह व्याख्यान विश्वविद्यालय के प्रोवोस्ट डॉ. दक्षेश ठाकर के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसका नेतृत्व हिंदी विभाग की अध्यापिका ज्योति वसावा ने किया तथा कार्यक्रम का संचालन हिंदी विभाग की छात्राओं द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में हिंदी एवं गुजराती विभाग की कुल 180 छात्राएँ उपस्थित रहीं। अनेक छात्राओं ने अपनी स्वरचित काव्य-पंक्तियों का पाठ भी किया, जिन्हें वक्ता महोदय ने सराहना प्रदान की।
इस अवसर पर वनिता विश्राम विमेन्स यूनिवर्सिटी के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के प्रेसिडेंट एवं वनिता विश्राम, सूरत के चेयरमैन श्री कृपलानी टी. देसाई, बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के वाइस प्रेसिडेंट एवं वनिता विश्राम, सूरत के वाइस चेयरमैन श्री प्रवीन टी. वोऱा, वनिता विश्राम के सेक्रेटरी श्री मनहर सी. देसाई तथा विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. आर. डी. पटेल ने अपनी शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।